सोमवार, 16 दिसंबर 2013

मीरा के पद... या ब्रज में कछु देख्यो री टोना।..


मीरा के पद... या ब्रज में कछु देख्यो री टोना।...प्रस्तुति
प्रेमकुमार


मीरा ब्रज की गोपियों का कृष्ण –प्रेम दरसा रही हैं ।
लगता है कि किसी ने उनके ऊपर टोना कर दिया है ।
दही बेचने घर से निकलती हैं । किन्तु आगे जाने पर
जब राह में श्याम मिल मिल जाते हैं ,तो सुध-बुध खो
बैठती है ...ही की जगह श्याम –सलोना ही ग्राहक को
बेचने लगती है ...मनमोहन के प्रेम में पूरी तरह खो गयी
है ...देखें यह पद या ब्रज में कछु देख्यो री टोना।...प्रस्तुति
प्रेमकुमार

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना।
लै मटुकी सिर चली गुजरिया, 
आगे मिले बाबा नंदजी के छोना।
दधि को नाम बिसरि गयो प्यारी, 
लैलेहु री कोई स्याम सलोना।
वृंदावन की कुंज गलिन में, 
नेह लगाइ गयो मनमोहना।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, 
सुंदर स्याम सुघर रस लोना। 
 


16/12/2013

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