सूरदास के पद...बसौ
मेरे नैननि में यह जोरी । ...प्रस्तुति प्रेमकुमार
सूरदास जी की कामना
है कि राधा और श्याम कि जोरी
उनके नयन में बस
जाय।कृष्ण के कमल सदृश्य आँखें ,
मस्तक पर मयूरपिच्छ
का मुकुट, कानों में मकराकृत
कुंडल और शरीर पर पीतांबर लहरा रहा है ।
सूरदास जी अपनी अल्प
बुद्धि से कृष्ण के इतने
मोहक रूप का वर्णन करने में असमर्थ हैं ।
सुंदर स्याम कमल दल
लोचन,
संग बृषभानु किसोरी।।
मोर मुकुट , मकराकृत कुंडल ,
पीताम्बर झकझोरी ।
सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस कौ ,
का बरनों मति
थोरी ।।
13/12/2013

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