शुक्रवार, 13 दिसंबर 2013

सूरदास के पद...बसौ मेरे नैननि में यह जोरी ।



सूरदास के पद...सौ मेरे नैननि में यह जोरी । ...प्रस्तुति प्रेमकुमार

सूरदास जी की कामना है कि राधा और श्याम कि जोरी
उनके नयन में बस जाय।कृष्ण के कमल सदृश्य  आँखें ,
मस्तक पर मयूरपिच्छ का मुकुट, कानों में मकराकृत
कुंडल और शरीर पर पीतांबर लहरा रहा है ।
सूरदास जी अपनी अल्प बुद्धि से कृष्ण के इतने
मोहक रूप का वर्णन करने में असमर्थ हैं ।

 सौ मेरे नैननि में यह जोरी ।
सुंदर स्याम कमल दल लोचन,
संग बृषभानु        किसोरी।।
मोर मुकुट , मकराकृत कुंडल ,
पीताम्बर          झकझोरी ।
सूरदास  प्रभु तुम्हरे दरस कौ ,
का बरनों       मति  थोरी ।।




13/12/2013 

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