आध्यात्म -,योग , धर्म -भक्ति के संकलन से . :… प्रेमकुमार P K Jayaswal
भक्ति-–साहित्य के अनमोल धरोहर से कुछ मोती पाठकों के समक्ष पेश करने की उत्कट अभिलाषा से प्रेरित है -यह प्रयास..
रविवार, 10 अप्रैल 2016
बुधवार, 30 मार्च 2016
मंगलवार, 29 मार्च 2016
सोमवार, 28 मार्च 2016
श्री हनुमान चालीसा-37-38
श्री हनुमान चालीसा
जय जय जय हनुमान गौसाईं।
वृपा करहु गुरुदेव की नाईं।
जो शत बार पाठ कर कोई।
छुटहि बंदि महासुख होई।।37-38जो शत बार पाठ कर कोई।
रविवार, 27 मार्च 2016
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