मंगलवार, 29 मार्च 2016

श्री हनुमान चालीसा -39-40

श्री हनुमान चालीसा


जो यह पढ़ै हनुमान् चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा।

नाथ हृदय महँ डेरा।।39-40


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