सोमवार, 7 मार्च 2016

श्री हनुमान चालीसा-11

श्री  हनुमान चालीसा

11.   लाय सजीवन लखन जियाये ।
     
श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें