गुरुवार, 24 अक्टूबर 2013

विद्यापति : ( शिव वर के रूप में ) : :सखी हे सुनै छलिएन



शिव को वर के रूप में देख कर पार्वती  की एक सखी  अपनी प्रतिक्रिया
किस प्रकार व्यक्त करती है ....देखें मैथिली के कवि विद्यापति के शब्दों में... प्रस्तुति प्रेमकुमार

शिव वर के रूप में ...

सखी हे सुनै छलिएन
शिव बड़ सुन्दर,
मुदा देखै छिएन
रूप भयंकर हे ।
सखी हे सुनै छलिएन
शिव औता गज चढ़ि हे ,
मुदा शिव ऐला बड़द चढ़ि हे ।
सखी हे सुनै छलिएन
शिव के पिताम्बर हे,
मुदा देखै छिएन
ओढ़ने बाघम्बर हे ।
भनहि विद्यापति गावल ,
शिव सुंदर वर गौरी पावल

 pkjayaswal@gmail.com

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